शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015

प्रेम के अस्तित्व की बात, न तो वाणी बता सकती है,
न तो स्वभाव से ही चंचल मन ही, इसकी कल्पना कर सकता है,
बुद्धि की समझ में तो ये आ ही कैसे सकता है,
इसके लिये तो चाहिये, केवल पवित्र व निर्दोष हृदय ॥ 

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॥ जय श्री राधे ॥
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कृष्णा जग का दुलारा#मिष्टी Sweetu #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !!  लव यू #कृष्णा... �� #SwEEtuBEtu (◕)(◕)


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