नवबर्ष;
भारतीय शास्त्र के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष से नव वर्ष का आरम्भ होता है. ऐसा माना जाता है की इसी दिन ब्रह्मा जी ने स्रष्टि का सृजन किया था ।
कुछ लोग ऐसा मानते हैं की भारत के प्रतापी राजा चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के संवत्सर का आरंभ भी इसी दिन से किया था ।
अतः इस दिन का दोनों ही द्रष्टि से बहुत महत्त्व है .ऐसी मान्यता भी है की इसी दिन भगवन विष्णु ने मतस्य अवतार लिया था ।
नवबर्ष का आरंभ;
१. तो पहली बात यह मानी जाती है की चैत्र मास में ही वृक्ष और लताएं नव पल्लवित होती हैं ।
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२. कहते हैं की माघ मास में मधुरस पर्याप्त मात्रा में मिलता है, मगर इसका कहीं भी स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही नव वर्ष का आरम्भ माना गया है ।
२. कहते हैं की माघ मास में मधुरस पर्याप्त मात्रा में मिलता है, मगर इसका कहीं भी स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही नव वर्ष का आरम्भ माना गया है ।
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नव वर्ष संवत 2072 की हार्दिक मंगल कामना.
॥ जय श्री राधे ॥
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कृष्णा जग का दुलारा, #मिष्टी Sweetu ❤, #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !! लव यू #कृष्णा... �� #SwEEtuBEtu (◕)(◕)

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