माता यशोदा का है दुलारा,
सबकी आँखों का है तारा
अपनों गोविन्द मदन गोपाल
भयो नन्द लाल
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माता यशोदा झूम रही है
कृष्णा को वो चूम रही है
झूले पलना मदन गोपाल
भयो नन्द लाल
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देख के उसकी भोली सुरतिया
बोल रही है सारी सखिया
कितनो सुंदर है मदन गोपाल
भयो नन्द लाल
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जन्माष्टमी की मीठी मीठी मंगल कामनाएँ
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