शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

अपनी आदतों के अनुसार चलने में इतनी ग़लतियाँ नहीं होतीं,
जितनी दुनिया क्या कहेगी सोचकर चलने में होती हैं ॥ #ॐ
♡ ♥ ♡
॥ जय श्री राधे ॥
.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें