भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, एक जीता जागता राष्ट्र-पुरुष है,
ये वंदन की धरती है - अभिनन्दन की धरती है,
ये अर्पण की भूमि है - ये तर्पण की भूमि है,
इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु गंगाजल है ॥
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वन्दे मातरम, जय भारत...
समस्त भारत वासियों को ७० वे स्वतंत्रता दिवस की मीठी मीठी शुभ कामना... <3
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