सोमवार, 15 अगस्त 2016

भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, एक जीता जागता राष्ट्र-पुरुष है, ये वंदन की धरती है - अभिनन्दन की धरती है, ये अर्पण की भूमि है - ये तर्पण की भूमि है, इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु गंगाजल है ॥ . वन्दे मातरम, जय भारत... समस्त भारत वासियों को ७० वे स्वतंत्रता दिवस की मीठी मीठी शुभ कामना... <3 .
जय श्री राधे
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