शनिवार, 23 अगस्त 2014

तेरी बातों की रिमझिम से, कानों में मिसरी घुलती है
मेरी तो पुस्तक बंद हुई, अब तेरी पुस्तक खुलती है ।
तू मेरे जीवन में आई, मैं जग से आज बिछड़ता हूँ
तू पढ़ती है मेरी पुस्तक, मैं तेरा मुखड़ा पढ़ता हूँ ।।
।। जय श्री राधे ।।

कृष्णा जग का दुलाराSweetu ♥, #ॐ #जीतू‬.. !! जय श्री #राधे !!  ♥ लव यू ‪#कृष्णा‬...  ‪‪#SwEEtuBEtu‬ (◕)(◕)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें