गणेशाय नम;
गण + पति = गणपति ।
संस्कृतकोशानुसार;
“गण” अर्थात पवित्रक ।
“पति” अर्थात स्वामी ।
“गणपति” अर्थात पवित्रकों के स्वामी ।
गण + पति = गणपति ।
संस्कृतकोशानुसार;
“गण” अर्थात पवित्रक ।
“पति” अर्थात स्वामी ।
“गणपति” अर्थात पवित्रकों के स्वामी ।
श्री गणेश जी विघ्न विनायक हैं । ये देव समाज में सर्वोपरि स्थान रखते हैं
। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेशजी का जन्म हुआ था ।
भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं । गणेशजी का वाहन चूहा है । गणेशजी की दो
पत्नियां ऋद्धि-सिद्धि व पुत्र लाभ व क्षेम बताए गए हैं । जिनको लोक
पंरपराओं में शुभ-लाभ भी कहा जाता है ।
कृष्णा जग का दुलारा, Sweetu <3, #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !! ♥ लव यू #कृष्णा... #SwEEtuBEtu (◕)(◕)
कृष्णा जग का दुलारा, Sweetu <3, #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !! ♥ लव यू #कृष्णा... #SwEEtuBEtu (◕)(◕)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें