शुक्रवार, 29 अगस्त 2014

गणेशाय नम;

गण + पति = गणपति ।
संस्कृतकोशानुसार;
“गण” अर्थात पवित्रक ।
“पति” अर्थात स्वामी ।
“गणपति” अर्थात पवित्रकों के स्वामी ।


श्री गणेश जी विघ्न विनायक हैं । ये देव समाज में सर्वोपरि स्थान रखते हैं । भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न के समय गणेशजी का जन्म हुआ था । भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं । गणेशजी का वाहन चूहा है । गणेशजी की दो पत्नियां ऋद्धि-सिद्धि व पुत्र लाभ व क्षेम बताए गए हैं । जिनको लोक पंरपराओं में शुभ-लाभ भी कहा जाता है ।

कृष्णा जग का दुलाराSweetu <3, ‪#‎ॐ‬ ‪#‎जीतू‬..   !! जय श्री #राधे !!  ♥ लव यू ‪#कृष्णा‬... ‪#‎SwEEtuBEtu‬ (◕)(◕) 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें