तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है ।
तीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी है ॥
शाम की उदासी में याद संग खेला है ।
कुछ ग़लत न कर बैठे मन बहुत अकेला है ॥
औषधि चली आओ चोट का निमंत्रण है ।
बाँसुरी चली आओ होंठ का निमंत्रण है ॥ ♡ 💋💕
.
॥ जय श्री राधे ॥
.
कृष्णा जग का दुलारा, #मिष्टी Sweetu ❤, #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !! लव यू #कृष्णा... �� #SwEEtuBEtu (◕)(◕)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें