सोमवार, 8 दिसंबर 2014

धीरे-धीरे, चुपके-चुपके, आयी छिपकर गोरी राधा ।
चोरी-चोरी, श्याम से मिलने, सखियों को कहकर ।
राधा बोली, क्यों की तुम ने, मेरे चित्त की चोरी ।
हिरणी जैसी, भटक रही है, किशोरी राधा ।।
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॥ जय श्री राधे ॥
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कृष्णा जग का दुलारा#मिष्टी Sweetu #ॐ #जीतू.. !! जय श्री #राधे !!  लव यू #कृष्णा... �� #SwEEtuBEtu (◕)(◕)


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