हे राधे तेरी मुरली पागल कर जाती है,
मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है ।
यह सोने की होती तो न जाने क्या होता
यह बाँस की होकर के इतना इतराती है ।
हे राधे तेरी मुरली पागल कर जाती है,
यह सोने की होती तो न जाने क्या होता
यह बाँस की होकर के इतना इतराती है ।
हे राधे तेरी मुरली पागल कर जाती है,
मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है ॥
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