क्या कहू मैं मोहन तुमको
कब से नाता मेरा तुम्हारा
कब से जानू मैं तुझको
कब से बना हैं रिश्ता हमारा
जब से यह दिल बना
इस दिल में तू बसा
जब जब चलती हैं सांसें
नाम लेती क्यों तुम्हारा?
क्या कहू मैं मोहन
कब से हैं नाता हमारा
जब जब छवि तेरी निहारी
नयन क्यों अटक गए उसपे बनवारी
क्या जानू मैं मोहन
कैसे बना यह नाता हमारा ॥
♡ ♥ ♡
॥ जय श्री राधे ॥
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