सोमवार, 5 सितंबर 2016

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुदेवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवेनमः।।
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गुरु मंत्र का अर्थ;
गुरु, गुरु विष्णु है,
ब्रह्मा है गुरु,
महेश्वर (शिव) है
गुरू ब्रम्हांड रचियता ब्रह्म ही है,
गुरू को साष्टांग प्रणाम ।।
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शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं ।
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जय श्री राधे
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