शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

राधा अष्टमी

राधे सा व्यक्तित्व बने;
.
विश्व के कण-कण में तुम्हारा अस्तित्व बने,
कुछ ऐसा करो कि राधे सा व्यक्तित्व बने
.
प्रतिकूलताओं में जन्मे और आगे बढ़ते रहे,
राह में आने वाली हरेक बाधा से लड़ते रहे
.
किसी पूतना से किसी कंस से डरे वो,
कैसी भी हो कसौटी सोने सा खरा उतरे वो
.
चौदह विद्या निधान थे क्या खूब बांसुरी बजाते थे,
सात सुरों की धुन पर तन मन नचाते थे
.
पुत्र, पति, मित्र, प्रेमी और वो सारथी बने,
हाथ में सुदर्शन चक्र लेकर महारथी बने
.
पाप का नाश कर पूण्य का परिवेश दिया,
विश्व मानवता को गीता का संदेश दिया
.
बस ऐसा ही अमर तुम्हारा कृतित्व बने,
कुछ ऐसा करो कि राधे सा व्यक्तित्व बने #
.
राधा के जन्मदिन राधा अष्टमी की सभी को बहुत बहुत बधाई
.
जय श्री राधे
.



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें